विकासखंड के नीलकंठ क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक गांवों के दस हजार से अधिक लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। नीलकंठ क्षेत्र और आसपास के गांवों में बीते पांच दिनों से पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान के कर्मचारी, अधिकारी ग्रामीणों के फोन उठाने को तैयार नहीं हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि खैरखाल के समीप रिजॉर्ट भूमि पर बीते पांच दिनों से पाइप लाइन काटी हुई है। जिस कारण पुंडरासु पंपिंग योजना पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। पुंडरासु पेयजल योजना में हेंवल नदी से पानी को पंपिंग कर नीलकंठ पुंडरासु टैंक में पहुंचाया जाता है।
इस मुख्य टैंक से आसपास के दर्जन भर से अधिक गांवों की 10 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति होती है। साथ ही नीलकंठ मंदिर और आसपास के धर्मशालाओं, होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों में इस योजना से पानी पहुंचता है। इसके लिए जल संस्थान ने हेंवल नदी से पुंडरासु गांव तक करीब छह किमी से अधिक लंबी लाइन बिछाई है।
ग्राम तोली के पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह नेगी ने बताया कि पुंडरासु पेयजल की मुख्य लाइन कई स्थानों पर ग्रामीणों की नापखेत भूमि से गुजरती है। खैरखाल के समीप एक रसूखदार का रिजॉर्ट का निर्माण चल रहा है। इसी भूमि से पेयजल लाइन भी गुजर रही है। रिजॉर्ट स्वामी की ओर से पिछले पांच दिनों से इस पेयजल लाइन को शिफ्ट करवाने का काम किया जा रहा है। जिस कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।
ग्रामीण दिलवर सिंह, धन सिंह राणा, राजेश रावत ने बताया कि नीलकंठ मंदिर एवं बाजार क्षेत्र, तोली, भादसी, मोहबन, खैरगल, मौन, भौन, जुड्डा, पुंडरासु, सिमलखेत, तलाईं गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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- पांच दिन से क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है। अधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि एक रसूखदार आदमी के रिजॉर्ट निर्माण के लिए पेयजल लाइन शिफ्ट की जा रही है। ग्रामीणों की समस्या को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। - रविंद्र सिंह नेगी, पूर्व प्रधान तोली
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- क्षेत्र में पांच दिनों से पेयजल किल्लत बनी हुई है। घरों से लेकर दुकानों तक में लोग परेशान हैं। लेकिन विभाग मौन बना हुआ है। ग्रामीण जब अधिकारियों को फोन कर रहे हैं तो अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। - दिलबर सिंह नेगी, नीलकंठ
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कोट
पुंडरासु पेयजल योजना में पानी नहीं आ रहा है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्हें ग्रामीणों की ओर से कोई फोन भी नहीं आया है। खैरखाल के समीप लाइन शिफ्टिंग का काम किया जा रहा है, इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जानकारी जुटाई जाएगी, साथ ही संकट से जूझ रहे गांवों में जल्द पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - देवकी नंदन जोशी, सहायक अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार