थर्टी फस्ट दिसंबर पर तीर्थ नगरी लक्ष्मण झूला, स्वर्गाश्रम और तपोवन क्षेत्र के जंगल कैंपों मेेें पुराने साल को विदाई देने और नववर्ष का स्वागत के लिए उमड़ने वाले सैलानियों की संख्या में इस बार गिरावट आ गई है।
वर्ष 2015 में जहां राफ्टिंग के लिए एक हजार से अधिक सैलानियों की बुकिंग थी, वहीं इस बार मात्र सौ सैलानियों ने बुकिंग कराई है। जंगल कैंप के लिए जहां बीते वर्ष 900 सैलानियों की बुकिंग थी। इस बार अब तक केवल चार सौ पर्यटकों की ही बुकिंग हो पाई है। कैंपिंग और राफ्टिंग संचालक इसका कारण नोटबंदी बता रहे हैं।
राफ्टिंग और जंगल कैंप संचालक जीतपाल सिंह, राज सिंह, अनुभव पयाल, भगवान सिंह रावत, प्रकाश डोभाल, हुकुम सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2015 में क्रिसमस-डे से पहले जंगल कैंप और राफ्टिंग के लिए सैलानियों की बुकिंग फुल हो जाती थी।
इस समय तक जंगल कैंप सैलानियों से पैक हो जाते थे, लेकिन नोटबंदी के बाद इस वर्ष अभी तक केवल पचास फीसदी ही बुकिंग हुई है। सैलानियों का मजा फीका न हो इसके लिए राफ्टिंग और जंगल कैंप संचालक सुविधा का पूरा ख्याल रखने की कोशिश में जुटे हैं। कई संचालकों ने पुराने पांच सौ और हजार रुपये के नोट लेने की बात कही है।
कैंपिंग और राफ्टिंग संचालकों ने यात्री, पर्यटकों के लिए पेटीएम और स्वैप कार्ड की व्यवस्था भी कर रखी है। जंगल कैंपों में इस बार सैलानियों के लिए गढ़वाली व्यंजन की व्यवस्था रहेगी। इसमेें झंगोरे की खीर और उड़द के दाल के पकोडे़ मुख्य व्यंजन होंगे। इसके अलावा कैंप में बर्नफायर और लालटेन प्रकाश की व्यवस्था की गई है।
राफ्टिंग शुल्क न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 500 रुपये है। जंगल कैंप का न्यूनतम शुल्क आठ सौ और अधिकतम शुल्क 1200 रुपये निर्धारित है। हट का न्यूनतम शुल्क 1800 और अधिकतम शुल्क 2500 रुपये है। तपोवन स्थित घुघतानी, शिवपुरी, बड़हल और यमकेश्वर ब्लॉक के मोहनचट्टी, घट्टुगाड, नैल समेत कई क्षेत्र में कैंप सजे हैं।