विकासखंड क्षेत्र के स्कूली बच्चों के लिए पर्याप्त संख्या में खेल मैदान नहीं हैं। कई बार तो खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं को सड़क पर दौड़ाया जाता है। स्थानीय निवासी लंबे समय से मिनी स्टेडियम का निर्माण करने की मांग कर रहे हैं। यमकेश्वर विकासखंड में 161 विद्यालय हैं, जिनमें 111 प्राथमिक, 23 जूनियर हाई स्कूल, 10 हाई स्कूल, 9 राजकीय इंटर कॉलेज, 7 अशासकीय इंटर कॉलेज और एक अशासकीय मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल शामिल है। विकासखंड में जीआईसी दिउली, जीआईसी भृगुखाल व जीआईसी लक्ष्मण झूला में ही खेल मैदान की सुविधा है। हालांकि उक्त विद्यालयों के खेल मैदान भी बेहतर स्थिति में नहीं हैं। विकासखंड के शेष विद्यालयों में खेल मैदान न होने से खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी समस्या आती हैं। स्थिति यह है कि दौड़ प्रतियोगिताओं के तहत बच्चों को सड़क पर ही दौड़ाया जाता है। जिससे शिक्षक व अभिभावक दुर्घटनाओं को लेकर आशंकित रहते हैं।
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Iतीन साल पहले पीआरडी को भेजा था प्रस्तावI
ग्राम प्रधान बिथ्याणी सतेंद्र सिंह नेगी ने तीन वर्ष पूर्व गांव में खेल मैदान बनाए जाने का प्रस्ताव युवा कल्याण विभाग को भेजा था। नेगी ने कहा था कि गांव में गुरुगोरखनाथ महाविद्यालय के मैदान का विस्तारीकरण कर इसे मिनी स्टेडियम का रूप दिया जाए। लेकिन विभाग ने प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की।
Iक्षेत्र की प्रतिभाएं कर चुकी हैं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग I
यमकेश्वर क्षेत्र के कई स्कूली छात्र-छात्राएं राज्य व राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पदक जीत चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बच्चों को सुविधाएं प्राप्त हो तो वह खेल के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकते हैं। इंटर काॅलेज पोखरखाल की छात्रा सोनाली ने वर्ष 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। जीआईसी मोहनचट्टी की छात्रा निकिता बिष्ट व राधिका ने वर्ष 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था।
यमकेश्वर विधानसभा के थलनदी एवं डांडामंडी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम प्रस्तावित है। उक्त स्थान पर जल्द सर्वे करवाया जाएगा। - रेनू बिष्ट, विधायक यमकेश्वर