स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था प्रणाली का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायवाला में बीते दो वर्षों से फार्मासिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। फार्मासिस्ट नहीं होने से स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही हैं। मामला संज्ञान में होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस ओर उदासीन बना हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रायवाला स्थित खांडगांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला था। इस केंद्र में एक चिकित्सक और एक फार्मासिस्ट का पद है। इन दिनों केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन बीते दो वर्ष से केंद्र में फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं है। केंद्र में एक चिकित्सक तैनात हैं, लेकिन वह भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिद्दरवाला की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वहीं फिलहाल उनकी ड्यूटी चारधाम यात्रा में लगी हुई है। ऐसे में मरीजों को न तो इलाज मिल पा रहा है और न ही दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं।
रायवाला निवासी बालेंद्र नेगी ने बताया कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायवाला में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने गए थे, लेकिन केंद्र में न तो इंजेक्शन था और न ही कोई इंजेक्शन लगाने वाला। यहां आने वाले मरीज परेशान रहते हैं।
एंटी रैबिज के नहीं इजेक्शन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रेबीज के इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हैं। कुत्ते या बंदरों के काटने पर यह इंजेक्शन लगाया जाता है। ऐसे में मरीजों को इंजेक्शन के लिए यहां से करीब 14 किमी दूर एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश जाना पड़ रहा है।
रिक्त चल रहे फार्मासिस्ट के पदों को भरने के लिए शासन स्तर से प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायवाला में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जांएगी। संजय जैन, सीएमओ देहरादून