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Rishikesh News: इस बार एक माह पहले ही बंद करना पड़ रहा पेराई सत्र

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Iगन्ना पेराई सत्र बंद होने की सूचना से किसानों में अफरा-तफरीI
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डोईवाला शुगर मिल में पेराई सत्र समाप्त होने का दूसरा नोटिस लगने के बाद किसानों में गन्ना बुआई और मिल में गन्ना सप्लाई को लेकर तफरा-तफरी मच गई है। खराब मौसम में भी किसान अपने खेतों में जल्दबाजी में गन्ना लगा रहे हैं। डोईवाला शुगर मिल ने पेराई सत्र में नॉन स्टॉप गन्ने की पेराई कर बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन इस पेराई सत्र में चीनी मिल को हरिद्वार क्षेत्र से गन्ना कम मिलने से लगभग एक माह पहले ही मिल को बंद करना पड़ रहा है। इस कारण जौलीग्रांट, कालूवाला, बड़ोवाला, भानियावाला समेत कई दूसरे गांवों के किसानों को खराब मौसम में ही आनन-फानन में गन्ने की बुआई करनी पड़ रही है। ज्यादातर किसान चीनी मिल को गन्ना सप्लाई करने के बाद अपने खेतों में कुछ गन्ना बीज के लिए बचा लेते हैं। अच्छी धूप और खेत को तैयार करने के बाद ही गन्ने की बुआई कर खेतों में बचा गन्ना मिल में देते हैं। इस बार एक महीने पहले ही चीनी मिल में मिल बंदी का दूसरा नोटिस चिपका दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले पेराई सत्र में 15 अप्रैल को पेराई सत्र समाप्त हो गया था। जबकि इस बार मार्च की शुरूवात में ही दो नोटिस लगा दिए गए हैं।



Iमिल को गन्ना कम मिलने की वजहI

जौलीग्रांट। चीनी मिल को हरिद्वार जिले से बड़ी मात्रा में गन्ने की सप्लाई की जाती है। इस बार बेमौसम बारिश से काफी ज्यादा फसल बर्बाद हो गई थी। इसका असर क्षेत्र में भी देखने को मिला। इसलिए करीब तीस से चालीस फीसदी कम गन्ना पैदा होने का अनुमान है। किसान आदेश कृषाली ने कहा कि इस बार किसानों को आनन-फानन में गन्ने की बुआई करनी पड़ रही है।
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I-चीनी मिल को चलाने के लिए पर्याप्त गन्ने की जरूरत होती है। इस बार चीनी मिल को कम गन्ना प्राप्त हुआ है। इससे जल्दी पेराई सत्र समाप्त करना पड़ रहा है। किसानों को परेशानी से बचने के लिए मिल बंद होने से पहले ही मिल को गन्ना दे देना चाहिए।
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I-दिनेश प्रताप सिंह अधिशासी निदेशक चीनी मिल।I
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