सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन मुनि की रेती-ढालवाला ने चौदह बीघा के आंतरिक मार्गों पर आईएसबीटी और रामझूला जाने वाले वाहनों का संचालन रोकने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में डीजीपी से मिलने का निर्णय भी लिया है।
रविवार को आयोजित बैठक में संगठन के अध्यक्ष शूरवीरसिंह चौहान और कोषाध्यक्ष जबर सिंह पंवार ने कहा कि रामझूला से आईएसबीटी जाने और आईएसबीटी से रामझूला जाने के लिए के लिए ई- रिक्शा, आटो, विक्रम चालक चौहद बीघा के आंतरिक मार्गों का प्रयोग कर रहे हैं। जिससे चौदह बीघा के अंदर संकरी गलियों में जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इन वाहनों का गलियों के अंदर संचालन होने से छात्र छात्राओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि इन वाहनों का गलियों से संचालन रोकने में मुनि की रेती और ऋषिकेश पुलिस की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है। जबकि पेंशनर्स की ओर से पूर्व में थानाध्यक्ष मुनि की रेती और थानाध्यक्ष ऋषिकेश को ज्ञापन दे चुके हैं।
संगठन सचिव भगवती प्रसाद उनियाल ने बताया कि बैठक में गोविंद जेठूडी, भगवान सिंह सुरियाल, जगदम्बा भट्ट ने सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर शीला रतूडी, उमा, पुष्पा उनियाल, महालक्ष्मी बिजल्वाण, विरेन्द्र कृषाली, हृदयराम सेमवाल, विशालमणि पैन्यूली आदि उपस्थित रहे।