राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में एक मई को कॉर्बेट नेशनल पार्क से पांचवां बाघ लाया गया था। यहां पांच दिन तक बाड़े में रखने के बाद पांच मई को बाघ को जंगल में छोड़ दिया गया था। बाघ ने पहली बार 12 मई को राजाजी पार्क की सीमा लांघी। राजाजी पार्क की सीमा को लांघने के बाद अब बाघ ऋषिकेश रेंज की सीमा में है। दरअसल, बाघ राजाजी नेशनल पार्क में लाए जाने के बाद धीरे-धीरे अपने क्षेत्र में विस्तार कर रहा है। पार्क प्रशासन के अनुसार बाड़े से जंगल में छोड़े जाने के बाद बाघ ने पहली बार 12 मई को राजाजी पार्क की सीमा पार की और नरेंद्रनगर वन प्रभाग के तपोवन क्षेत्र में पहुंचा। बाघ कई बार पार्क की सीमा से बाहर जाकर फिर वापस सीमा में आ चुका है। अभी उसकी लोकेशन ऋषिकेश रेंज में पाई गई है। बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पार्क प्रशासन ने कॉलर बैंड लगाया है। लेकिन, कॉलर डाटा हर 14 घंटे बाद मिलता है। कई बार मौसम खराब होने या कोहरा के कारण यह डाटा एक से डेढ़ दिन तक नहीं मिलता है। इससे बाघ के बारे में लाइव लोकेशन नहीं मिल पाती है। शुक्रवार को बाघ की लोकेशन ऋषिकेश रेंज के उस स्थान के आसपास रिकाॅर्ड की गई है, जहां जंगली जानवर के हमले में युवक की मौत हुई है। इससे इस घटना में बाघ की भूमिका हो सकती है। हालांकि, पार्क निदेशक कोको रोशो का कहना है कि बाघ आदमखोर नहीं है। युवक जंगल में गया था। बाघ पहले भी आबादी क्षेत्र के नजदीक आ चुका है। यदि वह आदमखोर होता तो ऐसी घटना को अंजाम दे चुका होता। इसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवाद