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Iग्रामीण बोले, खनन से गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ेगाI
राजाजी टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन साहब नगर क्षेत्र में सौंग नदी में खनन को लेकर सीमांकन करने पहुंची टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। खनन के लिए जिला प्रशासन ने एक ठेकेदार को पट्टा आवंटित किया है। विरोध के बाद टीम वापस लौट गई।
बुधवार को राजाजी टाइगर रिजर्व से साहब नगर क्षेत्र के सौंग नदी में होने वाले खनन को लेकर टीम सीमांकन करने मौके पर पहुंची। ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल के नेतृत्व में काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध करने लगे। ग्राम प्रधान ध्यान सिंह असवाल ने कहा कि पार्क प्रशासन पार्क नियमों का हवाला देते हुए बाढ़ सुरक्षा कार्य रोक देता है, लेकिन जिला प्रशासन खनन का पट्टा आवंटित कर रहा है। ग्राम प्रधान का कहना था कि सौंग नदी में खनन होने से नदी का रुख गांव की ओर हो सकता है, जिससे गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि खनन के दौरान यहां चलने वाले वाहनों से गांव की सड़क क्षतिग्रस्त होने के साथ वन्यजीव भी प्रभावित होंगे।
खान अधिकारी ऋषिकेश प्रतिमा लोधी ने बताया कि सौंग नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से आसपास के क्षेत्र में नुकसान होता है। जलस्तर बढ़ने से भू कटाव होता है गांव को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए नदी में खनन का प्रस्ताव बनाकर भेजा है, जिसका सर्वे किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह कार्य ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए किया जा रहा है। वहीं पार्क निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि फिलहाल उनको इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत खनन किया जाता है तो यह जांच का विषय है। उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा ने बताया है कि साहब नगर से सटे सौंग नदी में खनन पट्टे की सीमांकन करने के लिए संयुक्त टीम सर्वे किया जा रहा है। कोई भी खनन का पट्टा नियम के मुताबिक ही आवंटित होता है।