चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात। यह कहावत लक्ष्मणझूला और रामझूला पुल की पथ प्रकाश व्यवस्था पर सटीक बैठती है। देश-विदेश के पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र ये छूलें एक माह से अंधेरे में है। अर्द्घकुंभ मेले के बाद से दोनों पुलों पर पथ प्रकाश के लिए लगाई गई लाइट शोपीस बनी हुई है। यात्री और पर्यटक रात के समय अंधेरे में ही पुल पर आवागमन करने को मजबूर है।
इन दिनों लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम क्षेत्र में चारधाम और ग्रीष्मकालीन यात्रा के चलते हजारों तादाद में देसी विदेशी पर्यटकों की चहलकदमी बनी हुई है। झूला पुलों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग घुप अंधेरे में आवागमन करने को मजबूर हैं। झूला पुलों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्र पर्यटक और तीर्थयात्री स्थानीय प्रशासन और निकायों के जिम्मेदार अधिकारियों को कोस रहे है। पर्यटक और यात्रियों का कहना है कि जिन स्थानों पर पथ प्रकाश की जरूरत नहीं है। वहां दिन में भी लाइट जली रहती है और जहां अधिक जरूरत है वहां रात को भी अंधेरा क्यों?
झूला पुल पर लगी लाइटों को ठीक किया जा रहा है। जल्द ही पुल पर पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।
बद्री प्रसाद भट्ट, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका मुनिकीरेती
कुछ दिनों पहले कार्यभार ग्रहण किया है। पथ प्रकाश की व्यवस्था क्यों नहीं हो पाई इसकी जानकारी लेकर जल्द समाधान किया जाएगा।
राधेश्याम छाछर, अधिशासी अधिकारी नगरपंचायत स्वर्गाश्रम जौंक।