शुगर मिल को नियमित चलाने के लिए पर्याप्त गन्ना नहीं मिल पा रहा है। मिल प्रबंधन ने गन्ना पेराई सत्र समाप्त करने के लिए पहला नोटिस चस्पा कर दिया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह से शुगर मिल का गन्ना पेराई सत्र शुरू हुआ था।
शुगर मिल की प्रतिदिन की गन्ना पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल है। पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से मिल का संचालन करने में दिक्कतें आने लगी हैं। ऐसे में मिल प्रबंधन ने वर्तमान पेराई गन्ना सत्र को समाप्त करने के लिए 29 फरवरी का पहला नोटिस चस्पा कर दिया है। शुगर मिल में मिल गेट के अतिरिक्त 54 गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना आपूर्ति हुई। जिसमें डोईवाला गन्ना समिति के पांच, देहरादून समिति के 20, हरिद्वार जनपद की ज्वालापुर समिति के छह, इकबालपुर रुड़की समिति के 20, लक्सर समिति का एक और हिमाचल प्रदेश की पांवटा समिति के दो गन्ना क्रय केंद्र शामिल हैं। गन्ने की कमी के चलते रुड़की समिति के सात केंद्र बंद कर दिए गए हैं। इधर मिल प्रशासन ने किसानों के लिए मुख्य गेट से गन्ना आपूर्ति को फ्री भी कर दिया है। बावजूद इसके मिल को पेराई के लिए पर्याप्त गन्ना नहीं मिल पा रहा है।
Iशुगर मिल को पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में मिल का संचालन का नुकसानदेह होता है। इसलिए गन्ना किसानों से बचे गन्ने को जल्द मिल को आपूर्ति करने के लिए अनुरोध किया गया है। - दिनेश प्रताप सिंह, अधिशासी निदेशक शुगर मिलI