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Rishikesh News: विशेषज्ञों की कमी से रेफरल सेंटर बना उपजिला अस्पताल

Thu, 22 Oct 2026 06:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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- फिजिशियन, आर्थोपेडिक, डर्मेटोलॉजिस्ट, साइकेट्रिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट के पद लंबे समय से रिक्त,
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- वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे चल रही अल्ट्रासाउंड सेवा
ऋषिकेश। ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला उपजिला अस्पताल खुद विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। फिजिशियन से दो पद समेत कुल छह पद रिक्त होने से मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों और एम्स की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के अभाव में अस्पताल की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं और यह महज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
शांति प्रफन्न शर्मा उपजिला अस्पताल, ऋषिकेश में फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक और रेडियोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इन विशेषज्ञों के अभाव में संबंधित बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों, क्लीनिकों या फिर एम्स का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों को आर्थिक परेशानी के साथ ही समय की बरबादी भी झेलनी पड़ रही है। खासकर उन मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं जिन्हें बीमारी की जांच और उपचार के लिए बार-बार चिकित्सक के पास जाना पड़ता है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा भी वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे संचालित की जा रही है। इसके लिए तीन माह के डिप्लोमा प्राप्त कर्मचारी को तैनात किया गया है। हालांकि, रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ की नियमित तैनाती नहीं होने से मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उपजिला अस्पताल ऋषिकेश केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के बड़े क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। ऋषिकेश के अलावा मुनिकीरेती, ढालवाला और तपोवन सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। स्वर्गाश्रम क्षेत्र के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी इसी क्षेत्र की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है। विडंबना यह है कि अस्पताल की यह स्थिति प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की विधानसभा से सटे क्षेत्र में बनी हुई है। इसके बावजूद अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित तैनाती नहीं हो पाना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर चुनौती को दर्शाता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां होंगी, ताकि मरीजों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर और सुलभ उपचार मिल सके।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर तैनाती के संबंध में शासन और विभागीय स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से चिकित्सकों की तैनाती के बाद ही अस्पताल में उक्त विशेषज्ञ सेवाएं संचालित की जा सकेंगीं। - आनंद सिंह राणा, सीएमएस, उपजिला चिकित्सालय ऋषिकेश।
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