सिंचाई विभाग और नगर पालिका लापरवाही से मार्ग पर हुआ अतिक्रमण
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नगर पालिका मुनिकीरेती क्षेत्र में खारास्रोत नदी के समीप आस्था पथ पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। क्षेत्र में आस्था पथ के साथ ही अन्य सार्वजनिक स्थलों और सरकारी भूमि पर भी बेरोकटोक अतिक्रमण जारी है। लेकिन इन्हें रोकने वाली तमाम जिम्मेदार सरकारी एजेंसियां और प्रशासन धृतराष्ट्र बना बैठे हैं।
तीर्थाटन और पर्यटन स्थल होने के कारण तीर्थनगरी के मुनिकीरेती क्षेत्र में पूरे साल सैलानियों की चहलकदमी बनी रहती है। मुख्य मार्गों पर अत्यधिक यातायात दबाव के चलते सिंचाई विभाग ने देश-दुनिया से यहां आने वाले तीर्थाटकों, पर्यटकों की सुविधा के लिहाज से तट पर पैदल भ्रमण के लिए नदी किनारे आस्था पथ का निर्माण कराया है। लेकिन धीरे-धीरे आस्था पथ पर खोखे वाले और कारोबारियों ने कब्जा करना शुरू कर दिया है।
जगह जगह आस्था पथ पर स्थायी-अस्थायी तरीके से घेरबाढ़ का सिलसिला जारी है। मगर जिम्मेदार सरकारी एजेंसियां इस ओर पीठ फेरे बैठी हुई हैं। लिहाजा सरकारी भूमि कब्जाने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं। करोड़ों के मरीन ड्राइव पर भूमाफिया कहीं अवैध तरीके से खोखे संचालित कर रहे हैं और कहीं कारोबारियों ने अस्थायी दुकानें सजा रखी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सब विभागीय मिलीभगत का नतीजा है। इस बारे में कई बार निकाय से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
इनका कहना है
आस्था पथ पर अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। इस दिशा में विभाग ही उचित कार्रवाई कर सकता है।
-शिवमूर्ति कंडवाल, अध्यक्ष नगर पालिका मुनिकीरेती
आस्था पथ पर अतिक्रमण का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो बुधवार को निरीक्षण कर जल्द ही इस ओर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एमएस बलूनी, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग मुनिकीरेती सब डिवीजन