कांवड़ यात्रा के दौरान तीर्थनगरी में कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर परिवहन निगम की बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाने की घोषणा हवाई साबित हुई। सोमवार को संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा परिसर में श्रद्घालुओं की उमड़ी भीड़ से परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। श्रद्घालु और लोकल सवारियों में दिनभर बसों के लिए मारामारी रही। समय पर रोडवेज बस नहीं मिलने पर कई लोगों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा लिया।
श्रावण मास के चौथे सोमवार को संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा में सुबह से ही श्रद्घालुओं की भीड़ रही, जिसमें अधिकांश श्रद्घालु हरिद्वार और दून मार्ग पर जाने वाले थे। परिवहन व्यवस्था का दारोमदार नियमित संचालित होने वाले वाहनों पर रहा। ऐसे में भीड़ के चलते वाहनों की कमी पड़ गई।
बस अड्डा परिसर में कांवड़िए और लोकल सवारिया वाहनों के इंतजार में भटकते रहे। इस बीच एक वाहन के आने से सवारियों में सीट के लिए मारामारी होती रही। परिवहन व्यवस्था लड़खड़ाने से नाराज सवारियों ने कहा कि परिवहन निगम को भीड़ बढ़ने पर वाहनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मजबूरन प्राइवेट वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। बताया कि परिवहन निगम ने कांवड़ यात्रा में वाहनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाने की घोषणा भी की थी।
वहीं, इसे लेकर क्षेत्रीय सहायक महाप्रबंधक नेतराम ने बताया कि दून मार्ग पर वाहनों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए। अचानक भीड़ बढ़ने से थोड़ी अव्यवस्था हुई।