वर्ष 2013 दैवी आपदा के बाद से मंद पड़ी चारधाम यात्रा इस बार चरम पर है। 19 दिन में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्घालुओं की संख्या ढाई लाख के पार हो चुकी है। बृहस्पतिवार को बाहरी प्रांतों से आए 7413 श्रद्घालुओं ने फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराया और आस्था पथ पर 136 वाहनों से करीब 4300 यात्री रवाना हुए।
चारधाम यात्रा का आगाज सात मई को हुआ था, तब से यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में गजब का उत्साह है। यही वजह है कि दिन प्रतिदिन यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी में बाहरी प्रांतों के श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ रही है। चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड श्रद्घालुओं से गुलजार है।
मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट, बिहार, यूपी, दिल्ली, तमिलनाडू, हैदराबाद, आंध्रप्रदेश के यात्रियों के एक स्थान पर एकत्रित होने से बीटीसी में मिनी भारत की झलक मिल रही है। बृहस्पतिवार को बीटीसी परिसर में स्थित फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र में श्रद्घालु कतार में खड़े होकर पंजीकरण कराते नजर आए।
पंजीकरण के बाद वाहनों में सवार होकर देवधाम की ओर बढ़े। फोटोमीट्रिक पंजीकरण केंद्र प्रबंधक प्रेमअन्नत ने बताया कि बृहस्पतिवार को ऋषिकेश में सात हजार से अधिक श्रद्घालुओं ने पंजीकरण कराया। अब तक तीर्थयात्रियों की संख्या करीब 2 लाख 51 हजार तक पहुंच चुकी है। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था के मुताबिक बृहस्पतिवार को 136 वाहनों में चार हजार से अधिक श्रद्घालु चारधाम रवाना हुए हैं।
हेमकुंड धाम के लिए 453 पंजीकरण
ऋषिकेश। पांचवे धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा बीते बुधवार को शुरू हुई। दूसरे दिन बीटीसी परिसर में स्थित फोटोमीट्रिक केंद्र में 13 और लक्ष्मणझूला रोड स्थित श्री गुरूद्वारा हेमकुंड साहिब में 440 श्रद्घालुओं ने फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराया।