दूध निकालकर पशुओं को सड़क पर छोड़ने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। नगर निगम ने दो लोगों को खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
नगर आयुक्त शैलेंद्र नेगी ने बताया कि पिछले महीने तीन फरवरी को नगर निगम ने बैठक की थी। निराश्रित पशुओं से आम जनता को होने वाली परेशानी पर चिंता व्यक्त की गई थी। पिछले माह से नगर निगम की ओर से वार्डों एवं गलियों से पशुओं को घरों में बांधने के लिए मुनादी कराई गई थी। लेकिन मुनादी के बाद भी बड़ी संख्या में लावारिस पशु सड़क एवं गलियों पर घूम रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने पशुओं के कान के टैग तोड़ रखे हैं।
उन्होंने बताया कि नगर निगम ऋषिकेश की टीम को कुछ पशु टैग के साथ सड़क एवं गलियों में घूमते पाए गए हैं। जिनमें से दो पशुओं को उनके रजिस्ट्रेशन टैग के आधार पर चिह्नित करते हुए उनके मालिकों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन पंजीकरण में अंकित फोन नंबर गलत होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हुआ। इन लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दो लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को पत्र लिखा गया है।