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Iसरकारी अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को नहीं मिल पा रहा आरसीटी का लाभI
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में दंत विभाग की मशीन चार महीने से खराब पड़ी है। पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण अस्पताल में आ रहे मरीजों को रूट केनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) का लाभ भी नहीं मिल रहा है। आरसीटी नहीं होने के कारण पीड़ितों को निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सरकारी अस्पताल में दंत विभाग में दो चिकित्सक और एक हाइजिनिस्ट तैनात हैं। दंत विभाग में चार महीने से एक्स-रे मशीन भी खराब पड़ी हुई है। एक्स-रे मशीन खराब होने से चिकित्सक बिना संसाधन के ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। दंत विभाग में प्रति दिन 15 से 20 मरीज आते हैं। इनमें से अधिकांश को एक्सरे-की जरूरत होती है। मशीन खराब होने के कारण इन मरीजों को निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। दंत विभाग में उपकरणों की कमी के चलते रूट केनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) की सुविधा भी मरीजों को उपलब्ध हो पा रही है। दंत चिकित्सकों ने बताया कि एक्स-रे मशीन खराब होने की जानकारी उन्होंने उच्चाधिकारियों को दे दी है।
Iक्या है आरसीटीI
दांतों की सड़न रोकने के लिए सर्जरी की जाती है। सड़े हुए दांत के ऊपरी हिस्से से ड्रिल करके कैनाल को खोल दिया जाता है। इसके साथ पूरा पल्प निकाल लिया जाता है। इसके बाद पूरे कैनाल की हाइड्रोजन पेरोक्साइड औरसोडियम हाइपोक्लोराइट से सफाई की जाती है। फिर से उसे पूरी तरह से भर दिया जाता है।
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Iदंत चिकित्सा विभाग में वार्ड बॉय नहीं तैनातI
सरकारी अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग में लंबे समय से वार्ड बॉय का पद रिक्त है। इससे चिकित्सक स्वयं ही मशीनों की साफ-सफाई करते हैं। कई बार चिकित्सकों ने विभाग में वार्ड बॉय की भी मांग की थी। लेकिन वह अभी तक ठंडे बस्ते में है।
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Iमामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो सीएमएस से इस बारे में बातचीत कर जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। - संजय जैन, सीएमओI