राष्ट्रीय मार्ग ऋषिकेश-हरिद्वार अतिक्रमण के चलते डेंजर जोन में तब्दील हो गया है। सड़क किनारे बेखौफ ईट, बजरी, रेत और कबाड़ा जमा करने के अड्डे बना दिए गए हैं। हर दिन हो रहे नए अतिक्रमणों से लोग परेशान है।
हाईवे पर एक तरफ तो मार्ग चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, तो दूसरी ओर आए दिन सड़क के किनारे अतिक्रमण कर घेराबंदी की जा रही है। आईडीपीएल सिटी गेट, मालवीय नगर, गीतानगर, केनाल गेट, श्यामपुर में हाईवे किनारे अतिक्रमण कर नए-नए खोखे लगाए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ प्रशासन कोई सख्त कार्यवाई नहीं कर रहा है। जिससे इनके हौंसले बुलंद हैं। स्थिति ये है कि सड़क किनारे घेर कर तमाम व्यवसायिक गतिविधियां की जा रही हैं। हाईवे किनारे रखे गए ईट, बजरी, रेत के खिलाफ कोई चालान खनन विभाग ने आज तक नहीं किया।
जबकि बिना लाइसेंस के सड़क किनारे कोई भी सामान रखना गैर कानूनी है। मालवीय नगर में तो कबाड़ी कबाड़ हाईवे तक फैला देते हैं। जिस कारण राहगीरों का पैदल चलना तक मुश्किल हो रखा है। स्थिति ये है कि पहले अतिक्रमणकारी कब्जा करने के लिए बल्लियां गाड़ते हैं, उसके बाद खोखा डाल दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि कई लोग अवैध अतिक्रमण के कारोबार में लगे हैं। जो कि कब्जा कर खोखा लगाते हैं और फिर उसे किसी को भी बेच देते हैं। पंचायत सदस्य रीना जायसवाल का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
एक दूसरे को पत्र ही लिखकर इतिश्री
श्यामपुर। मालवीय नगर हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर पंचायत सदस्य रीना जायसवाल ने शिकायत की थी। मगर, विभाग इस मामले में एक दूसरे को पत्र ही लिख रहा है। मगर, धरातल पर कोई ठोस कार्यवाई नहीं हो रही है। पंचायत सदस्य का कहना है कि तहसील कर्मचारी भी मौका मुआयना कर चुके हैं। लेकिन कार्रवाई के नाम पर होथ बंधे हुए है।
फुटपाथ को तो पूरा निगल लिया अतिक्रमणकारियों ने
श्यामपुर। तीर्थनगर ऋषिकेश उत्तराखंड की यात्रा में जाने वाले यात्रियों का हरिद्वार के बाद मुख्य द्वार है। इसके अलावा सालभर सैलानियों का षिकेश में आवागमन रहता है। बावजूद इसके हाईवे को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका है। सबसे अधिक परेशानी पैदल चलने वालों के लिए हो रही हे। कारण अतिक्रमणकारियों ने फुटपाथ तो पूरा निगल लिया है। ऐसे में हाईवे पर वाहनों के ओवरटेक करने पर पैदल और दुपहिया वाहन चालकों की जिंदगी खतरे से खाली नहीं है। पुलिस भी देखने के बावजूद कोई चालान इस तरह के मामलों में नहीं कर रही है।
ये मार्ग अभी हाल में राष्ट्रीय मार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग डोईवाला के अंतर्गत आया है। ये मार्ग काफी पुराना है इसलिए हमने तहसील प्रशासन से इस मार्ग का रिकॉर्ड मांगा है। अतिक्रमण करने वालों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा। पूरी सड़क अतिक्रमण मुक्त की जाएगी।
-प्रवीण सक्सेना, सहायक अभियंता राष्ट्रीय मार्ग खंड, डोईवाला।