वन महोत्सव और हरेला पर्व के अवसर पर जहां प्रदेशभर में पौधरोपण अभियान चल रहे हैं, वहीं वैदिक नगर स्थित उन्नति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत अब रंग ला रही है। समूह की ओर से संचालित नर्सरी में औषधीय, छायादार और विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए जाते हैं, जिनकी इस वर्ष मांग में वृद्धि हुई है। समूह की अध्यक्ष बबीता सैनी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मानसून की शुरुआत के साथ ही नर्सरी को नरेंद्र नगर क्षेत्र से करीब 4 लाख रुपये के पौधों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत ऑर्डर पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत की आपूर्ति अगले सप्ताह तक कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बड़े आकार के पौधों की मांग भी बढ़ी है, जिससे समूह को अच्छा लाभ मिल रहा है। नर्सरी में गेंदा, गुलाब, त्रिकोमा, मोगरा और गुड़हल सहित कई प्रकार के फूलों के पौधे तैयार किए जाते हैं। बरसात के मौसम में पर्याप्त धूप नहीं मिलने के कारण इन पौधों पर फूल कम खिलते हैं, फिर भी होटल, आश्रम और रिसॉर्ट संचालकों की ओर से इनकी लगातार मांग बनी रहती है। अगस्त माह से धूप बढ़ने पर इन पौधों में भरपूर फूल खिलने लगते हैं। बारिश का मौसम पौधों की वृद्धि के लिए सबसे अनुकूल होता है। वर्षा के पानी में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रोजन और वातावरण की नमी पौधों के तेजी से विकास में सहायक होती है, जिससे नर्सरी में पौधों की पैदावार भी अधिक होती है।