कोर्ट में कार्यरत महिला लिपिक के कमरे में आग लगने से घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के दौरान मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। शैल विहार स्थित तहसील आवासीय कालोनी में भू राजस्व कार्यालय के सामने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में कार्यरत लिपिक जया तिवारी पत्नी स्व. भाष्कर तिवारी का प्रथम तल पर कमरा है।
बताया जा रहा है कि शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कमरे में अचानक आग लग गई। घटना के समय लिपिक कोर्ट गई हुई थी और कमरे में ताला लगा हुआ था। आग की लपटें उठते देख आस पड़ोस के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत बचाव में जुट गए। ताला लगा होने के कारण दमकल कर्मियों ने बंद कमरे की खिड़की का कांच तोड़कर पानी की बौछार की।
जब तक आग को काबू में किया जाता, टीवी, बिस्तर, बेड और अन्य घरेलू सामान जनकर खाक हो गया। भयावह आग की लपटों से कमरों की दीवारें और छत काली हो र्गइं। आसपास के लोगों ने जले हुए सामान को बाहर निकाल कर कमरे को साफ किया। फायर स्टेशन के सेकेंड अफसर रमेश चंद्र शर्मा ने आग की वजह शॉर्ट सर्किट होना बताया है।
मासूम की बची जान
आगजनी की घटना के दौरान महिला लिपिक की आठ वर्षीय बेटी गरिमा कमरे के अंदर थी। कमरे के मेन गेट पर ताला लगा हुआ था। लेकिन बच्ची ने सूझबूझ दिखाते हुए कमरे के पिछले दरवाजे की अंदर से लगी चिटकनी खोलकर बाहर निकल आई। घटना की सूचना पर लिपिक बदहवास हालत में पहुंची। जब उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कमरे के अंदर है तो सबके होश उड़ गए।
हालांकि, बाद में बच्ची तहसील आवासीय कालोनी से सटे रेंज कार्यालय में सुरक्षित मिली। बच्ची ने बताया कि आग लगने पर उसे कुछ नहीं सूझा और वह भागकर इधर आ गई।
बड़ा हादसा टला
जिस कमरे में आग लगी, उसी से एकदम सटी रसोई है। आग की लपटों से रसोई में भी सामान को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि आग की लपटें एलपीजी सिलेंडर तक नहीं पहुंची। नहीं तो सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो जाता। दरअसल आवासीय कालोनी में एक ब्लॉक में चार क्वाटर हैं।