2023 की बरसात में जुलेडी गांव के हल्दू पुटगा तोक में कई मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। एक मकान और गोशाला पूरी तरह मलबे में जमींदोज हो गया था। कई मकानों की नींव टूट चुकी थी। स्थानीय प्रशासन पर मुआवजा वितरण में भेदभाव का आरोप लगा था। अब दो साल बाद विभाग ने मुआवजा वितरण किया है। 1 जुलाई 2024 को पड़ताल में पता चला कि कुंवर सिंह को मकान की आंशिक क्षति दिखाकर एक तिरपाल और 5500 रुपये का चेक दिया गया था। नुकसान के अनुरूप मुआवजा न मिलने पर कुंवर सिंह ने चेक लेने से इन्कार कर दिया था। 2 जुलाई 2024 को अमर उजाला माई सिटी में जुलेडी के हल्दू पुटगा तोक गांव के लोगों ने की विस्थापन की मांग शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए पौड़ी जिला प्रशासन ने दोबारा जांच करवाई थी। अप्रैल 2025 में कुंवर सिंह को तहसील यमकेश्वर की ओर से 1.30 लाख रुपये का चेक दिया गया है। निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य जुलेडी हरदीप कैंतुरा ने बताया कि वास्तविक आपदा पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा मिलने में देरी हुई है। अब मिली आपदा राशि से यह परिवार अपने मकान की मरम्मत करवा सकता है।