मायाकुंड स्थित श्री जनार्दन आश्रम दंडीवाडा में वैदिक ब्राह्मण महासभा का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में ब्राह्मण समाज ने वैदिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया।
आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं, डॉ. ओमप्रकाश भट्ट, आचार्य सुभाष जोशी, मायाराम रतूड़ी, दंडी स्वामी अनिरुद्धानंद तीर्थ, केशव स्वरुप ब्रह्मचारी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि आज के समय में वैदिक सनातन परंपराओं को बचाना बहुत बड़ी चुनौती है। हम सब को मिलकर इसके लिए प्रयास करने होंगे।
आज प्रमुख त्योहारों व्रतोत्सवों को लेकर समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां फैल रही है। हम सबको एक मंच पर आकर उन भ्रांतियों का समाधान करना है। डॉ. ओम प्रकाश भट्ट ने कहा कि ब्राह्मण समाज का दर्पण होता है। हमारा आहार व्यवहार शुद्ध होगा तो समाज भी हमसे प्रेरणा लेगा। हमारे यहां संस्कारों का पूजा पद्धति का बहुत महत्व है। हमें समाज को उन महत्वों को बताना है। इस मौके पर आचार्य महेंद्र नारायण शुक्ल, आचार्य सुभाष चंद्र डोभाल, आचार्य जगमोहन मिश्रा, आचार्य शिव प्रसाद सेमवाल, सुरेश पंत, डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवान आदि मौजूद रहे।