भैसों द्वारा अमृत वाटिका में नुकसान पहुंचाने पर की गई कार्रवाई
वन गुर्जरों की भैंसों ने अमृत वाटिका को क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे गुस्साए खदरी खड़कमाफ के लोगों ने भैंसों को सामुदायिक केंद्र में बंद कर दिया। इसका वन गुर्जरों ने विरोध किया। दोनों तरफ से तनाव बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस बुला ली। भैसों की टैगिंग कर दस हजार का जुर्माना लगाने के बाद छोड़ा गया।
जिला गंगा सुरक्षा समिति के नामित सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि वन गुर्जरों की भैसों ने अमृत वाटिका में लगे पौधों को नुकसान पहुंचाया था। इस पर ग्रामीणों ने वन गुर्जरों की भैसों को सामुदायिक केंद्र में बंद कर दिया और भैसों को बिना टैगिंग के छोड़ने से इन्कार कर दिया। मौके पर पशु चिकित्सा अधिकारी को बुलाया गया। फिर उक्त सभी भैंसों की पहचान के लिए टैगिंग की गई।
वहीं, अमृत वाटिका को नुकसान पहुंचाने पर वन गुर्जराें पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया। प्रधान संगीता थपलियाल ने कहा कि बिना टैग वाले पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस भेजे जाने पर विचार किया जा रहा है। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीकांत रतूड़ी, शांति प्रसाद थपलियाल, जीतराम थपलियाल, मीना देवी कुकरेती, दिनेश कुलियाल, बलबीर सिंह, धर्म सिंह, अखिल भंडारी, गीताराम मैठाणी, सोभन सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।