जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सोमवार से शुरू किए गए एविएशन सिक्योरिटी कल्चर वीक का शनिवार को समापन हो गया। इसमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और एयरलाइंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ही सीआईएसएफ जवानों और यात्रियों ने भाग लिया।
एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा ने कहा, एयरपोर्ट पर संदिग्धों की पहचान और लावारिस पड़े सामानों की कड़ी निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा, एविएशन सेक्टर में सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। जिससे एयरपोर्ट, यात्रियों और विमानों को कभी भी खतरा हो सकता है। इसलिए इस तरह के जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिसमें संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को अहम जानकारियां दी जाती हैं।
मुख्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने कहा, एयरपोर्ट पर कार्यरत सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को तालमेल के साथ कार्य किया जाना चाहिए। वहीं यात्रियों को भी एयरपोर्ट पर आवाजाही करते हुए चौकन्ना रहना चाहिए। इससे आने वाले खतरों को टाला जा सकता है। कार्यक्रम में नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो राहुल राठौर, एनपीएस मूंग कासो, एयरलाइंस के सुरक्षा प्रभारियों ने भाग लिया।
एयरपोर्ट देखकर खिले स्कूली बच्चों के चेहरे
कल्चर वीक के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर डॉग शो, क्विज शो, स्कूल चिल्ड्रन विजिट आदि कार्यक्रम किए गए। वहीं जूनियर हाईस्कूल कोठारी मोहल्ला के कुल 60 छात्रों को एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर घुमाया गया। स्कूली छात्रों को हवाई टिकट लेने से लेकर एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश, सुरक्षा जांच और हवाई सफर की जानकारियां दी गई। जिससे बच्चे काफी खुश हुए। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अनिरूद्ध सोलंकी, शिक्षक देवेंद्र सिंधवाल, शैलेंद्र नेगी आदि उपस्थित रहे।