ट्रांसपोर्टरों का दबाव काम आया
चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का 12 दिन से पंजीकरण न होने पर ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार को विरोध जताया था। रोटेशन के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर अपने वाहनों के परमिट एआरटीओ कार्यालय में जमा करने की सरकार को चेतावनी दी थी। खबर प्रकाशित होने के बाद गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ट्रांजिट कैंप पहुंचे। उन्होंने रोटेशन के पदाधिकारियों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। रोटेशन के पदाधिकारियों ने भी यहां ठहरे तीर्थयात्रियों का विशेष पंजीकरण कर उन्हें यात्रा पर भेजने की मांग की थी। उसके बाद बृहस्पतिवार शाम को पंजीकरण कार्यालय खुलवाकर कर्मचारियों ने अस्थायी पंजीकरण शुरू किया।
चारधाम में स्थिति सामान्य होने पर यात्रियों को भेजा जाएगा : आयुक्त
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने ट्रांजिट कैंप पहुंचकर ऋषिकेश में कई दिनों से रुके तीर्थयात्रियों को चारधाम यात्रा पर भेजने के लिए अधीनस्थों के साथ बैठक की। कहा कि चारधाम में स्थिति सामान्य होने के बाद यात्रियों को यहां से भेजा जाए। ट्रांजिट कैंप स्थित अपने केबिन में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि हर तीर्थयात्री की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। कहा कि फिलहाल ऑफलाइन पंजीकरण 31 मई तक बंद रहेंगे। प्रशासन की ओर से चारधाम यात्रा पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की सख्ती के बाद सुधार भी देखने को मिल रहा है। बिना पंजीकरण आने वाले यात्री वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कई ट्रेवल एजेंसी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। बैठक में एसएसपी अजय सिंह, एसपी लोकजीत, एसडीएम कुमकुम जोशी, नगर आयुक्त शैलेंद्र नेगी, एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन मोहित कोठारी, एके श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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रोडवेज की 11 बसों से 379 तीर्थयात्री तीन धाम रवाना
रोडवेज की 11 बसों से 379 तीर्थयात्री तीन धाम की यात्रा पर बृहस्पतिवार को रवाना हुए। रोडवेज के चारधाम यात्रा के नोडल अधिकारी अनुराग पुरोहित ने बताया कि पांच बसाें से 173 तीर्थयात्री बदरीनाथ, पांच बसों से 172 तीर्थयात्री सोनप्रयाग (केदारनाथ) और एक बस से 34 तीर्थयात्री गंगोत्री रवाना हुए।