- सीआईएमएस-यूआईएचएमटी और गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के बीच एमओयू, वीर नारियों व अग्निवीरों को भी लाभ
हर्रावाला। सैनिकों के परिवारों और सैन्य समुदाय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर देने के लिए सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून और गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के बीच मंगलवार को एमओयू हुआ। सुपर-300 मिशन एजुकेशन स्कीम के तहत हुए समझौते में वीर नारियों, वीर माताओं, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों और चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर लैंसडाउन स्थित गढ़वाल रेजिमेंटल सेंटर के सुरजन सिंह ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम के दौरान किए गए। इसमें सैन्य अधिकारियों के साथ 300 से अधिक जवानों ने प्रतिभाग किया। सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि संस्थान चिकित्सा शिक्षा, पैरामेडिकल, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट, लॉ समेत विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पात्र सैन्य परिवारों को शिक्षा के अवसर देगा, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनके उच्च शिक्षा के रास्ते में बाधा न आए गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने कहा कि एमओयू से गढ़वाल राइफल्स से जुड़े सैनिकों और उनके परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
दो श्रेणियों में फीस में छूट
ललित जोशी ने बताया कि एमओयू के अनुसार पहली श्रेणी में वीर नारियां, वीर माताएं, बलिदानी सैनिकों के आश्रित व चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर और उनके आश्रित शामिल हैं। इन पात्र विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध पात्र पाठ्यक्रमों में ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। दूसरी श्रेणी में सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके आश्रितों को रखा गया है। इस श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में 40 प्रतिशत छूट मिलेगी।