देहरादून-हरिद्वार फोरलेन मार्ग पर भानियावाला से लच्छीवाला के बीच बने करीब एक किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर पर दिन के समय स्ट्रीट लाइटें जलने से बिजली की भारी बर्बादी हो रही है। एक ओर ऊर्जा निगम आम जनता को बिजली बचाने और लोड बढ़ने पर कटौती की नसीहत देता है, वहीं हाईवे पर दिन के उजाले में दर्जनों लाइटों का जलना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। दिन भर लाइटें जलने से अकारण ही कई यूनिट बिजली की खपत हो रही है।
दिन में बिजली की इस फिजूलखर्ची के ठीक विपरीत, नुन्नावाला सहित हाईवे के कई अन्य हिस्से ऐसे हैं, जहां रात के समय भी स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण गहरा अंधेरा पसरा रहता है। स्थानीय सभासद ईश्वर रौथाण ने दिन में लाइटें जलने को घोर लापरवाही बताते हुए संबंधित अधिकारियों से इस फिजूलखर्ची पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
फ्लाईओवर की लाइटों के लिए अलग से मीटर लगे हुए हैं, जिसका बिजली बिल एनएचएआई की ओर से जमा किया जाता है। दिन में लाइटें क्यों जल रही हैं, इस संबंध में एनएचएआई के अधिकारी ही स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे। - गिरिराज सैनी, एसडीओ, ऊर्जा निगम (डोईवाला)
भानियावाला फ्लाईओवर पर लगी लाइटों की मरम्मत का काम चल रहा था। चेकिंग के उद्देश्य से लाइटों को दिन में जलाया गया था, जिसके बाद उन्हें बंद कर दिया गया। वहीं, नुन्नावाला में भी खराब पड़ी लाइटों को ठीक करवा दिया गया है। - रोहित पंवार, प्रोजेक्ट इंजीनियर, एनएचएआई