शहर में भूमि और संपत्तियों की रजिस्ट्री में रोक लगाने की जनहित याचिका उच्च न्यायालय से खारिज होने पर प्रापर्टी कारोबार से जुड़े लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया। कहा कि रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटने पर शहर में रोजगार के अवसर फिर से बढ़ेंगे।
शुक्रवार को प्रापर्टी डेवलपर एंड बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कालड़ा के नेतृत्व में रेलवे रोड पर एकत्रित हुए लोगों ने हर्ष जताया। महामंत्री ललित मोहन मिश्र ने बताया कि चार साल पहले उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर शहर की संपत्तियों की रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे शहर के विकास में ठहराव आने पर प्रापर्टी डेवलपर एंड बिल्डर्स एसोसिएशन ने याचिका दायर किया था।
महामंत्री ने बताया कि शुक्रवार को मामले में सुनवाई के दौरान एसोसिएशन के वकीलों ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। दलील सुनने के बाद उच्च न्यायालय की डबल बैंच ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया। रजिस्ट्री पर हटी रोक का जश्न मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।
इस मौके पर दीपक चुग, श्रवण जैन, शिवमोहन मिश्र, इंद्र कुमार गोदवानी, अभिषेक शर्मा, राजेश अग्रवाल, दीपेश कोहली, नवीन गांधी, विनीत जैन, महावीर जैन, अरुण कुकरेजा, गौरव वर्मा मौजूद थे।
व्यापार को गति मिलेगी
शहर में संपत्तियों की रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटने पर नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री जयदत्त शर्मा ने हर्ष जताया है। उन्होंने कहा कि चार साल से रजिस्ट्री पर रोक लगने से वित्तीय कारोबार और व्यापार पर व्यापक असर पड़ रहा था। रजिस्ट्री खुलने पर व्यापार को गति मिलेगी।