प्लास्टिक की थैलियों के पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए ट्रेडमार्क इंटरनेशनल कंपनी ने स्टार्च से बनीथैलियों को बाजार में उतारने की तैयारी कर ली है। इस थैली को कूड़े में फेंकने के बाद यह तीन महीने के भीतर मिट्टी में तब्दील हो जाएगी।
इसके अलावा कंपनी ने थैलियों के साथ ही डिस्पोजल गिलास, चम्मच, प्लेट आदि प्रयोग में आने वाली सामग्री को भी तैयार किया है। उत्तराखंड में कैरी ग्रींस पैकेजिंग कंपनी के डीलर विमल सिंह नेगी ने बताया कि उनके उत्पादों को रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक टेक्नोलॉजी ने भी मान्यता दे दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी ऐसी थैलियों के उत्पादन व प्रयोग पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि इन थैलियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए नगर निगम ऋषिकेश, नगर पालिका मुनिकीरेती और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा रोटरी क्लब, लायंस क्लब के साथ ही विभिन्न संगठनों से संपर्क कर इसकी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वत: मिट्टी बनने वाली थैलियां स्टॉर्च से बनाई जा रही हैं और यह पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित भी हैं।