स्टांप पेपर का फंसाया पेंच, करीब 300 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र अटके
स्टांप पेपर का फंसाया पेंच, 300 जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र अटके
-जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार देहरादून ने स्टांप पेपर के साथ कागजात अपलोड करने के दिए आदेश
- एक से 25 अगस्त तक के फार्म लटके
ऋषिकेश। जिला जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार देहरादून के एक आदेश के कारण नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय से अपलोड कराए गए 300 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के आवेदन को निरस्त कर दिया गया है। अब लोगों को दोबारा से नोटरी से प्रमाणित स्टांप पेपर (शपथपत्र) के साथ दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
मैन्युअल बने पुराने जन्म प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन और नए पत्रों में भी जिला जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार देहरादून की ओर से नोटरी से प्रमाणित 10 रुपये स्टांप पेपर जमा कराया जा रहा है। कुछ दिन पहले केवल एक प्रार्थनापत्र देकर जन्म से संबंधित दस्तावेज नगर निगम कार्यालय की ओर से अपलोड कराए जा रहे थे। 25 अगस्त को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार देहरादून की ओर से एक आदेश जारी किया गया जिसमें एक अगस्त से अपलोड किए गए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के साथ दोबारा से नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र के साथ दस्तावेज को अपलोड करने आदेश दिए गए। ऐसे नगर निगम की ओर से अपलोड किए गए 300 फाॅर्म निरस्त हो गए। एक महीना बीत जाने के बाद भी जन्म प्रमाणपत्र जारी न होने पर अभिभावक और मृतकों के परिजन नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में नगर निगम कार्यालय के जन्म मृत्यु अनुभाग पर भी काम का भार बढ़ गया है।
कोट-
जिला जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार की ओर से 25 अगस्त को एक अगस्त से अपलोड किए गए जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के साथ नोटरी की ओर से प्रमाणित शपथ देने के लिए कहा था। अब दोबारा से दस्तावेज को नोटरी से प्रमाणित शपथ के साथ अपलोड किया जा रहा है।
-अमन कुमार, जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार, नगर निगम ऋषिकेश
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कोट-
पुराने जन्म प्रमाणपत्र मैन्युअल रूप से बने हैं। उन प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा हो सकता था। इसलिए आवेदनकर्ताओं से नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र मांगा जा रहा है। कल यदि कोई जन्म मृत्यु प्रमाण फर्जी पाया जाता है तो उसका जिम्मेदार आवेदक होगा।
- डीपी गौड़, जिला जन्म मृत्यु रजिस्ट्रार, देहरादून