यमकेश्वर ब्लाक की ग्राम पंचायत भासी खढ के पांच गांवों में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न आने से क्षेत्र से गुजरने वाले शिवभक्तों की राह में अंधेरा पसरा है और करीब 120 परिवारों को मोमबत्ती के सहारे रात गुजारनी पड़ रही है। आपूर्ति क्यों बाधित है, इसका कारण भी ग्रामीणों को नहीं पता है। हैरत की बात है कि लाइनमैन को सूचना देने के बाद भी वह गांव नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत भासी खढ गांव के सीमलडांडी, भवड, खैरगल, ओखला और गुदड गांव में एक सप्ताह से बिजली गुल है। गांव के मनोहर सिंह नेगी, सुरेश नेगी, जगदीश सिंह, भरत सिंह और राजेंद्र सिंह ने ऊर्जा निगम के लाइनमैन को उसी दिन बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना दी। लाइनमैन ने दूसरे दिन गांव में आकर व्यवस्था देखने का आश्वासन दिया। पर तब से छह दिन बीत चुके है। बिजली न होने से क्षेत्र के लोगों को जंगली जानवरों का भय सता रहा है। क्योंकि इस क्षेत्र में गुलदार पहले ही कई पशुओं का अपना निवाला बना चुका है। इन दिनों श्रावणमास की कांवड़ यात्रा चरम पर है। देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से शिवभक्त नीलकंठ महादेव के दर्शनों के लिए पहुंच रहे है। रात के समय शिव भक्त भी इस क्षेत्र में अंधेरे में ही आवागमन करने को मजबूर हो रहे है।
भासी खढ ग्राम पंचायत के गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की कोई शिकायत उपभोक्ताओं की ओर से दर्ज नहीं हुई है। यदि उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद लाइनमैन गांव में नहीं गया तो लाइन मैन से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। बुधवार को गांव में टीम भेजकर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
-अनिल वर्मा, ईई ऊर्जा निगम कोटद्वार