देवभूमि की अतिथि देवो भव: की संस्कृति को ढाबा संचालकों ने अतिथि को लूटो भव: में तब्दील कर दिया है। जिससे चारधाम यात्री खासे आहत है। दरअसल यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबा और होटल संचालक यात्रियों से खाने पीने की चीजों के दोगुने रेट वसूल रहे है। इतना ही नहीं इन्होंने प्रशासन के आदेश के बाद भी अपने प्रतिष्ठानों पर रेट लिस्ट नहीं लगाई है।
2013 आपदा के बाद विश्व विख्यात चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्घालु अपनी आस्था लेकर यात्रा में शामिल होने आ रहे हैं। यात्रा से पहले प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सभी होटलों, ढाबों और दुकानदारों को रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसका फायदा उठाकर श्रद्धालुओं से लूट खसोट की जा रही है। इसी लूट खसोट की लगातार शिकायतों पर अमर उजाला संवाददाता ने बीटीसी परिसर से लेकर स्थानीय होटलों तक जायजा लिया तो पाया कि सभी होटलों, ढाबों में श्रद्धालुओं से खाने पीने की चीजों के दोगुने दाम वसूले जा रहे है।
यह है अंतर
व्यजंन रेटलिस्ट में तय मूल्य मनमाना मूल्य
एक थाली (चार रोटी हाफ चावल) 50 80 रुपये
कोल्डड्रींक्स थम्स अप 34 40 रुपये
एक समोसा 5 12 रुपये
एक साधारण चाय- 10 15 रुपये
पानी की बोतल 10 25 रुपये
सभी होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है। स्थानीय प्रशासन के माध्यम से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई भी रेट लिस्ट से ज्यादा रकम वसूलते पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - विनीत तोमर, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश