विधि विवि के लिए ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन 144वें दिन में प्रवेश कर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी इस प्रमुख मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है।
रानीपोखरी में विधि विवि बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा दो मार्च 2019 को शिलान्यास किया गया था। लेकिन तब यह मामला लंबे समय तक लटका रहा। उसके बाद प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन हो गया। वहीं कुछ माह पूर्व यह जमीन सौंग बांध प्रभावितों को आवंटित कर दी गई है। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण रानीपोखरी में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे धरने पर बैठ गए।
शुक्रवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य मालती चौहान ने कहा कि विधि विवि खुलने से रानीपोखरी के अलावा पूरे प्रदेश के युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। नरेंद्र चौहान ने कहा कि सर्दियों के मौसम से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन बरसात तक पहुंच गया है। लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक ग्रामीण संघर्ष करते रहेंगे। प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान, पूर्व प्रधान पंकज यादव, सतीश सेमवाल, राजेंद्र तोमर, ओमकार चौहान, विक्कू चौहान आदि उपस्थित रहे।