सरकारी इमदाद की आस में तहसील पहुंचे क्षेत्र के दर्जनों बुजुर्गों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी। समाज कल्याण अधिकारी के मंगलवार को लगने वाले साप्ताहिक शिविर में न पहुंचने पर बुजुर्गों को बैरंग लौटना पड़ा।
प्रदेश सरकार ने पेंशन संबंधी समस्या के निस्तारण के लिए तहसील में प्रत्येक मंगलवार को जिला समाज कल्याण विभाग के शिविर की व्यवस्था बनाई है। निर्धारित दिवस होने पर गुमानीवाला, भट्टोवाला, आवास विकास, चंद्रेश्वरनगर, चंद्रभागा और अन्य स्थानों से काफी बुजुर्ग महिलाएं सुबह 10 बजे तहसील पहुंची। शिविर कक्ष का दरवाजा बंद देख वहीं फर्श पर इस उम्मीद में बैठ गए कि साहब आने वाले होंगे।
काफी इंतजारी के बाद भी सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचे तो आस टूटने लगी। पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि सहायक समाज कल्याण अधिकारी डोईवाला ब्लॉक में व्यस्तता के चलते नहीं आएंगे। अब शिविर आने वाले मंगलवार को ही लगेगा। बुुजुर्ग महिलाओं का पारा चढ़ गया और एसडीएम कुश्म चौहान से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
बुढ़ापे में सिर्फ पेंशन का सहारा, उसके भी लाले
75 वर्षीय गायत्री देवी ने बताया कि उनकी वृद्घावस्था पेंशन सालभर से नहीं आई। तहसील के कई चक्कर काट चुकी है। गुमानीवाला से तहसील तक आने जाने में 40 रुपये किराया खर्च होता है। बुढ़ापे में इसी पेंशन का सहारा था वो भी बंद हो गई। किससे फरियाद करें कि पेंशन मिल जाए कोई स्पष्ट नहीं बता रहा।
73 वर्षीय संजोगिता चंद्रभागा में रहती है। बताया कि दिसंबर 2015 से पेंशन बंद है। तहसील में मंगलवार को आने वाले अफसर ने बताया था कि जल्द पेंशन आ जाएगी। बैंक जाती हूं तो जवाब मिलता है पेंशन नहीं आई। तहसील पहुंची थी कि पेंशन नहीं आने की वजह पता चलेगी। अफसर ही नहीं आए।
69 वर्षीय शिव सिंह ने बताया कि सालभर पहले वृद्घावस्था पेंशन का फार्म भरकर दिया था। विभाग ने पट्टा नंबर जारी किया, लेकिन पेंशन अभी तक नहीं आई। जबकि सभी प्रक्रिया पूरी कर चुका हूं।
इनकी सुनिए
मंगलवार को डोईवाला ब्लॉक में ड्यूटी के चलते सहायक समाज कल्याण अधिकारी नहीं आए। दोपहर कुछ बुजुर्ग महिला फरियाद लेकर उनके पास पहुंची। तत्काल सुनवाई करते हुए एक रजिस्ट्रर में उनकी समस्या को दर्ज करवाया। समस्या का निस्तारण हो इसके लिए रजिस्टर को जिला समाज कल्याण विभाग में पहुंचाया जाएगा।
कुश्म चौहान, उपजिलाधिकारी