गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने के लिए गंगा पर प्रस्तावित सिंगटाली मोटर पुल की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति की फाइल शासन में अटक गई है। मोटर पुल का काम शुरू न होने से स्थानीय लोगों ने चारधाम यात्रा से पहले आंदोलन की चेतावनी दी है।2006 में कौडियाला-ब्यासघाट मोटर मार्ग की स्वीकृति के साथ ही सिंगटाली में गंगा पर करीब 150 मीटर का मोटर पुल भी स्वीकृत था। लेकिन सड़क निर्माण के दौरान अधिकांश बजट खर्च होने से मोटर पुल का निर्माण अधर में लटक गया था। 2019 में विश्व बैंक पौड़ी की ओर से सिंगटाली में मोटर पुल निर्माण के लिए मृदा परीक्षण का काम शुरू किया था। लेकिन सरकार ने मोटर पुल का निर्माण का काम रुकवा दिया था।18 मई 2021 में जनदबाव के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शासनादेश जारी करवाया था। लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल ने उसी स्थान पर पुल निर्माण के लिए डीपीआर ( विस्तृत कार्य रिपोर्ट) तैयार की थी। यह डीपीआर 114 करोड़ रुपये की बनी थी। उक्त राशि को ज्यादा बताकर शासन ने किसी दूसरे स्थान का चयन कर डिजाइन और डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद 2022 में लोनिवि ने सिंगटाली झूला पुल के ऊपर की साइट की जगह को चिह्नित किया था।मार्च 2025 में लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल ने 58 करोड़ की डीपीआर को शासन को भेजी थी। लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी सिंगटाली मोटर पुल की फाइल शासन में अटकी हुई है। सिंगटाली मोटर पुल के बनने से पौड़ी गढ़वाल जिले के सात विकासखंडों के एक हजार गांवों को लाभ मिलेगा। देहरादून से नैनीताल की कुल दूरी में करीब 45 किमी की कमी आएगी।