सावन माह की शुरुआत से ठीक पहले रामझूला पुल को सभी प्रकार के आवागमन के लिए बंद किए जाने से तीर्थनगरी में आने वाले शिवभक्तों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
25 जुलाई 2026 से लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) ने सुरक्षा कारणों से पुल पर पैदल सहित सभी प्रकार की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। 28 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा और सावन के दौरान इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। रामझूला पहुंचने वाले कई श्रद्धालु पुल बंद देखकर वापस लौट रहे हैं, जिससे आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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- सावन के समय सबसे अधिक भीड़ रहती है, लेकिन पुल बंद होने से श्रद्धालु बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे दुकानों की बिक्री आधी रह गई है। - अनिल बिष्ट,व्यापारी
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- बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री रामझूला बंद देखकर वापस लौट रहे हैं। इसका सीधा असर छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों पर पड़ रहा है। - अशोक, व्यापारी
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- मरम्मत जरूरी है, लेकिन सावन से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और बेहतर सूचना व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि श्रद्धालुओं और व्यापारियों को परेशानी न हो। - अभिषेक, व्यापारी
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- पिछले कुछ दिनों से बाजार में सन्नाटा है। होटल, रेस्टोरेंट और दुकानों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है। प्रशासन को व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। - भगवान सिंह गुसाई,व्यापारी