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Rishikesh News: 21 साल में भी पूरा नहीं हो पाया एक गांव का बंदोबस्त

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भानियावाला में 21 साल बाद भी बंदोबस्त का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्रवासियों ने बंदोबस्त अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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भानियावाला काफी पुरानी ग्राम पंचायत थी। जो अब नगर पालिका डोईवाला का हिस्सा बन चुकी है। भानियावाला में 2002 से बंदोबस्त चल रहा है। इससे पहले इस गांव में बंदोबस्त 15 अक्टूबर 1991 में भी किया गया था। लेकिन तब इसमें अधिक त्रुटि होने पर इस प्रक्रिया को निरस्त कर 2002 में दोबारा बंदोबस्त शुरू किया गया था। जो वर्तमान में भी जारी है।



इस कारण यहां रह रहे लोगों, किसानों आदि को अपनी अपडेट कंप्यूटरीकृत खाता खतौनी नहीं मिल पा रही है। आज भी लोगों को 20-22 साल पुरानी हाथ से लिखी खाता खतौनी पकड़ाई जा रही है। जिससे ये पता नहीं चल पा रहा है कि किसने कितनी जमीन बेची और किसका जमीन का नंबर वर्तमान में कहां पर मौजूद है।
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भाजपा नेता संजीव सैनी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर मिलकर कहा कि बंदोबस्त प्रक्रिया पूरी न होने का लाभ कुछ भूमाफिया उठा रहे हैं। किसानों की काश्त भूमि पर जबरन कब्जे किए जा रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा व स्थानीय निवासी रामकिशन ने कहा कि बंदोबस्त अधिकारियों की मिलीभगत का खामियाजा गांव के लोगों और किसानों को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर एडवोकेट मनोहर सिंह सैनी, नितिन, सुरैश सैनी आदि उपस्थित रहे।





दोबारा बंदोबस्त नहीं होने से हो रहा नुकसान

भानियावाला के साथ ही अन्य जगहों पर भी 2002 में बंदोबस्त शुरू हुआ था। लेकिन अन्य गांवों, शहर आदि में बंदोबस्त अधिकारियों ने भारी संख्या में त्रुटिपूर्ण रिकार्ड के साथ जल्दबाजी में प्रक्रिया पूरी कर खतौनी अपडेट कर दी। बंदोबस्त प्रभावित राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि लगभग हर गांव व शहर में लोगों की जमीनों के नंबरों और नामों में भारी गड़बड़ी है। जिसका फायदा जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले लोगों को मिल रहा है। कहा कि भूमि से संबंधित सैकड़ों केस कोर्ट में सालों से चल रहे हैं। कई स्थानों पर ग्राम पंचायत और दूसरी सरकारी जमीनों पर कब्जे हो चुके हैं। राजधानी में तेजी से जमीनें बिक रही हैं। 21 वर्ष बीतने पर भी दोबारा बंदोबस्त नहीं किया जा रहा है। जिससे सरकारी योजनाओं के लिए जमीनें नहीं मिल रही हैं।
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दो तीन दिन पहले ही कार्यभार ग्रहण किया हूं। इसलिए भानियावाला में बंदोबस्त प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जाएगा। - योगेश मिश्रा, एसडीएम डोईवाला
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