ऋषिकेश। पालिका सफाईकर्मियों की दूसरे दिन भी हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई। घरों और दुकानों से निकलने वाले कूड़े कचरे का उठान नहीं हुआ। जगह-जगह गंदगी का अंबार नजर आया। सफाई व्यवस्था जल्द ढर्रे पर नहीं आई तो शहर में गंदगी से संक्रामक रोग फैल सकता है।
बीते सोमवार को पालिका में हुए घमासान के दौरान सभासद की सफाई कर्मियों से नोकझोंक हो गई थी। सफाई कर्मियों ने सभासद पर बदसलूकी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया था। हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। नगरपालिका में कार्यरत करीब 107 नियमित और 30 संविदा कर्मियों के कार्य ठप करने से मंगलवार को शहर गंदगी से बजबजा उठा।
सर्वहारानगर, हरिद्वार मार्ग पर नगरपालिका के सामने, त्रिवेणीघाट, गौशाला रोड चौदहबीघा, मायाकुंड, चंद्रभागा-बीटीसी लिंक रोड आदि स्थानों पर सुबह से ही गंदगी का अंबार लगा रहा, जो देर शाम तक नहीं उठ सका था। सफाईकर्मियों की हड़ताल खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस स्थिति में शहर कूड़े कचरे के ढेर में बदल जाएगा आश्चर्य की बात नहीं।
फिलहाल जिस तरह का माहौल है उससे सफाई कर्मियों की हड़ताल खुलने की उम्मीद कम है। मामले को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया जाएगा। नगरपालिका में पालिकाध्यक्ष और सफाई कर्मियों के साथ हुई बदसलूकी दुर्भाग्यपूर्ण है। पालिका कर्मी इसी विरोध में हड़ताल पर हैं।
- वीपीएस चौहान, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद