डोईवाला। एसडीआरएफ ने नौंवे स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान एसडीआरएफ वाहिनी जौलीग्रांट में सेंट्रल पुलिस कैंटीन को भी शुरू कराया।
शनिवार को एसडीआरएफ वाहिनी में नौंवा स्थापना दिवस मनाया गया। बताया गया कि केदारनाथ आपदा के बाद राज्य में एसडीआरएफ वाहिनी की स्थापना की गई थी। स्थापना वर्ष से ही अपने कार्य की मूल भावना के अनुरूप एसडीआरएफ ने पर्वतीय प्रदेश की जीवनशैली को अस्त व्यस्त कर देने वाली छोटी बड़ी आपदा, भूस्खलन, सड़क दुघर्टना, जल रेस्क्यू, चारधाम यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा, कांवड और महाकुंभ आदि में विशिष्ट योगदान दिया है। 2014 में जनपद रुद्रप्रयाग में अपने प्रथम व्यवस्थापन के टेंट से शुरू हुआ यह बल आज राज्य के प्रत्येक जनपद में कर्तव्य पथ पर तत्पर है। स्थापना दिवस पर एसडीआरएफ सेनानायक नवनीत सिंह ने वाहिनी के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजनों के कल्याणार्थ एसडीआरएफ जौलीग्रांट में सेंट्रल पुलिस कैंटीन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जवानों और अधिकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कैंटीन की जरूरत महसूस की जा रही थी। बताया कि चूंकि सेंट्रल पुलिस कैंटीन पुलिस लाइन देहरादून में है। ऐसे में एसडीआरएफ और नजदीकी थाना, चौकी के कर्मियों के लिए आवाजाही में दिक्कतें होती थी। जौलीग्रांट एसडीआरएफ में अब यह सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान विभिन्न खेलों जिसमें वॉलीबाल, रस्साकसी आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस दौरान उप सेनानायक अजय भट्ट, सहायक सेनानायक प्रकाश देवली, अनिल शर्मा, शिविर पाल, राजीव रावत, निरीक्षक प्रशिक्षण प्रमोद रावत, प्रेम सिंह नेगी, जगदंबा बिज्लवाण, अनिरूद्ध भंडारी, अनीता गैरोला, ललिता नेगी, विनोद गौड़, गजेंद्र परवाल, सूबेदार मेजर जयपाल राणा, पूनम शाह, विजय रयाल और नीरज शर्मा।
एसडीआरएफ में सेंट्रल पुलिस कैंटीन का शुभारंभ करते सेना नायक नवनीत सिंह।- फोटो : RISHIKESH