लक्ष्मणझूला-कांडी मोटर मार्ग पर एक स्कूल वैन बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में स्कूली छात्रा समेत दो की मौत हुई है। गंभीर घायल चालक और एक अन्य को ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट रेफर कर दिया गया है।
मंगलवार दोपहर यमकेश्वर ब्लॉक के मलेल दिउली गांव में संचालित बाल मैत्री शिशु संस्थान की वैन छुट्टी के बाद स्कूल से करीब 15 किमी दूर विजनी गांव में बच्चों को छोड़कर वापस लौट रही थी। इसी बीच खैर खाल के समीप वैन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में लुढ़क गई।
हादसे की सूचना पर नीलकंठ चौकी पुलिस पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वैन में फंसे घायलों को बाहर निकाला। 108 आपातकालीन सेवा से ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने कक्षा सात की छात्रा श्वेता (12 ) पुत्री स्व. विजेंद्र सिंह निवासी ग्राम ढांसी, विशाल चंद (22) पुत्र सतीश चंद्र निवासी दिउली को मृत घोषित कर दिया।
गंभीर घायल वैन चालक आदित्य कंडवाल (25) पुत्र ऋषिराम निवासी मलेल गांव और संजय लाल (40) पुत्र दर्शन लाल निवासी ग्राम बैरागढ़ को प्राथमिक उपचार के बाद हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट रेफर कर दिया। सरकारी अस्पताल पहुंचे परिजन रोते बिलखते रहे।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेणू बिष्ट, भाजपा नेत्री कुसुम कंडवाल, कांग्रेस नेता देवेंद्र राणा ने उन्हें किसी तरह ढांढस बंधाया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार भेज दिया है। उपनिरीक्षक विवेक राठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही के चलते हादसा हुआ है।
घूमने के बहाने मौत ले गई
मृत छात्रा स्कूल हॉस्टल में रहती थी। बताया जा रहा है दोपहर छुट्टी के बाद वह वैन में आकर बैठ गई। चालक ने उसे उतरने के लिए कहा तो वह घूमने की जिद करने लगी। इसी बीच गांव में ही कंप्यूटर शिक्षण संस्थान चलाने वाले विशाल ने चालक से उसे भी साथ ले जाने की बात कही।
रास्ते में वैन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें छात्रा और कंप्यूटर शिक्षण संस्थान संचालक काल का ग्रास बन गए। बताया जा रहा है कि हादसे में घायल बैरागढ़ के संजय मलेल किसी विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने स्कूल वैन में लिफ्ट ली थी।