हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकतीं मेयर अनिता ममगाईं।
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ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला रोड स्थित श्री हेमकुंड साहिब में गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों और माता गुजरी की शहादत को मेयर ने नमन किया। हेमकुंड गुरुद्वारे में सिक्खों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के पूर्ण परिवार के बलिदान को याद करने के लिए इस सप्ताह को बलिदान सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है।
शनिवार गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में पहुंची मेयर ने कहा कि सिख संप्रदाय की स्थापना का उद्देश्य मुख्य रूप से हिन्दुओं की रक्षा करना था। इस संप्रदाय ने भारत को कई अहम मौकों पर मुगलों और अंग्रेजों से बचाया है। सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह एक महान स्वतंत्रता सेनानी त्याग और वीरता की मूर्ति थे। अपने धर्म की रक्षा के लिए उनके पूरे परिवार ने अपनी शहादत दे दी। श्री गोविंद सिंह को त्याग और वीरता की मिसाल बताते हुए कहा कि अनेकों कुर्बानियों को देेने बाद भी उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहादुरी थी। जिसने अहम मौकों पर मुगलों से हिंदुओं की रक्षा की। कार्यक्रम में पंकज शर्मा, विनोद शर्मा, नवल कपूर, चेतन शर्मा, रामकिशन अग्रवाल, अख्तर साबरी, प्रदीप कोहली, अनीता बहल, पंडित रवि शास्त्री, ममता नेगी, अजय कालड़ा, राजकुमारी जुुगलान, विजय लक्ष्मी भट्ट, विपिन पंत, राजेंद्र बिष्ट, विवेक गोस्वामी, गौरव कैंतुरा, हेमलता चौहान, दुर्गा देवी, सिमरन गाबा, नीलम, ओम ठाकुर, बिमला देवी, गीता आदि मौजूद थे।