सिखों के गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के पुत्रों के शहीदी पर्व के मौके पर शुक्रवार को भव्य नगर कीर्तन आयोजित किया गया। इसमें भारी संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। पंजाब बैंड की शानदार प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने लोगों को गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के बलिदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शुक्रवार को शहीदी पर्व के मौके पर नुन्नावाला स्थित गुरुद्वारा शहीदां सिघां नुन्न्वाला की ओर से भव्य समागम और नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। बैंड बाजों और वाद्ययंत्रों की धुनों पर नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन में पंजाब से आए बैंड के साथ स्थानीय बैंड पार्टियों ने भी शानदार प्रस्तुति दी।
गुरुद्वारा प्रधान सरदार ओमकार सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने वालों का डटकर विरोध किया। अपने धर्म के प्रति दृढ़ अटल रहने वाले फतेह सिंह और जोरावर सिंह को छोटी आयु में पंजाब सरहिंद के नवाब ने दीवार में चुनवा दिया था। उन्होंने बताया कि नुन्नावाला गुरुद्वारा उनके बलिदान और शहादत का प्रतीक है।
शोभायात्रा नगर कीर्तन का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। लोगों ने स्टॉल लगाकर हलवा, चाय, फल आदि का प्रसाद वितरित किया। नगर कीर्तन में सुरेंद्र पाल सिंह, बलदेव सिंह, भूपेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, बलविंद्र सिंह, गुरमेल सिंह, शेर सिंह सैनी, जसप्रीत सिंह, गोविंद सिंह, बलविंदर सिंह, अमरजीत सिंह पाल, और संजीव सैनी आदि मौजूद रहे।