यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा मराल में भूमाफिया नियम कानून ताक पर रख गगनचुंबी इमारतें बना रहे है, राजस्व और पार्क की जमीन पर कब्जा कर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद भी पौड़ी और पार्क प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय तमाशबीन बना हुआ है।
ग्राम सभा का करौंदी राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत आता है। यहां राजस्व की भी जमीन है। यहां किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए पार्क प्रशासन और राजस्व विभाग की अनुमति लेनी होती है। लेकिन करौंदी में भूमाफियाओं ने इस कदर राज चलता है कि एप्रोच मार्ग और भवन निर्माण के लिए प्रशासन से कोई अनुमति लेना वो मुनासिब नहीं समझते। यही वजह है कि पार्क और राजस्व भूमि पर अवैध निर्माण प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
वन मंत्री से मिलेगा सपा प्रतिनिधिमंडल
यमकेश्वर ब्लॉक के सपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राणा ने बताया कि करौंदी में पार्क और राजस्व भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ वे धरना प्रदर्शन कर चुके है। अवैध अतिक्रमण को लेकर पार्क प्रशासन को लिखित रुप से अवगत भी कराया जा चुका है। लेकिन पार्क प्रशासन और पौड़ी प्रशासन अतक्रिमण रोकने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भूमाफियाओं को रोकने के लिए सपा के जनप्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल 24 मई को वनमंत्री से मुलाकात करेगा।
पार्क प्रशासन और राजस्व विभाग झाड़ रहे पल्ला
ग्राम पंचायत मराल के खंडगांव रत्तापानी और करौंदी में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर पार्क प्रशासन और राजस्व विभाग अपना पल्ला झाड़ रहा है। संबधित विभाग एक दूसरे की भूमि का हवाला देकर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। ऐसे में भूमाफियाओं से पौड़ी और पार्क प्रशासन की साठगांठ की बू आती है।
पार्क प्रशासन की भूमि की भूमि पर नहीं राजस्व की भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। इस बारे में पौड़ी जिला प्रशासन ही सही जानकारी दे सकता है।
राजेंद्र मोहन नौटियाल, गौहरीरेंज अधिकारी, राजाजी टागइर रिजर्व पार्क।
मराल करौंदी में अवैध अतिक्रमण का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कसी पर ऐसा है तो जल्द ही इस ओर कार्रवाई की जाएगी।
गोपालराम बिनवाल उपजिलाधिकारी कोटद्वार।
मराल करौंदी में अवैध अतिक्रमण हो रहा है तो इसके लिए एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। जो भूमि का निरीक्षण करेगी। राजस्व भूमि को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा।
श्रेष्ठ गुनसोला, तहसीलदार, विथ्याणी।
मराल करौंदी में अवैध निर्माण हो रहा है या नहीं इस बारे में आला अधिकारी ही स्पष्ट बता सकेंगे। क्योंकि यह मामला मेरे स्तर का नहीं है।
सत्यपाल सिंह चौहान, राजस्व निरीक्षक