दो बार की सेमेस्टर परीक्षा देने के बाद एमबीए के आठ छात्रों को तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने से रोकने पर आक्रोशित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने ओआईएमटी संस्थान में जमकर हंगामा किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने ओआईएमटी संस्थान पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
छात्रों ने कहा एमबीए में प्रवेश देने के लिए छात्रों से शुल्क के नाम पर संस्थान ने मोटी रकम वसूल कर अब मानसिक शोषण किया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने समस्या समाधान के लिए परिषद कार्यकर्ताओं से छह दिन का समय मांगा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पूर्व छात्र संघ महासचिव कौशल बिजल्वाण के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को ओआईएमटी पहुंचे। एमबीए के आठ छात्रों को तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा में न बैठने देने पर उन्होंने संस्थान के प्रबंधक मोहित कुमार शर्मा का घेराव किया।
उक्त छात्रों को परीक्षा से वंचित रखने का कारण जब परिषद कार्यकर्ताओं ने पूछा तो संस्थान ने अजीब जवाब देकर हैरत में डाल दिया। प्रबंधक शर्मा ने कहा कि एमबीए में प्रवेश के लिए बीबीए या स्नानतक में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने का प्रावधान है।
परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब प्रवेश दिया गया तब क्यों नहीं छात्रों की अंक तालिका और अन्य पत्रावलियों की जांच की गई। दो सेमेस्टर की परीक्षा में कैसे इन आठ छात्रों को सम्मलित कर लिया गया। आक्रोशित परिषद कार्यकर्ताओं ने संस्थान की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया।
छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रबंधक की ओर से समस्या समाधान के लिए छह दिन का समय मांगा गया। छात्रों ने कहा कि यदि छह दिसंबर तक समाधान नहीं किया गया तो वे फिर संस्थान में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे।
घेराव व हंगामा करने वालों में पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष अमित पंवार, संदीप शर्मा, सुभाष चौहान, अंकित पंवार, अभिषेक रावत, मंदीप डबराल, विनोद चौहान, कुलदीप, प्रज्ञा रावत शामिल थे।