अगर रोडवेज के अधिकारियों की इच्छा न हो तो रूट पर अच्छा लोड फैक्टर मिलने के बाद भी बस का संचालन बंद कर दिया जाता है। देहरादून से वाया जौली गांव, रामनगर, डांडा थानो और दिल्ली से यमकेश्वर रूट की बसों का संचालन रोडवेज ने बंद कर दिया है। तहसील दिवस में शिकायत दर्ज होने के बाद इन बसों का संचालन नहीं हो पाया।
तहसील दिवस में रानीपोखरी निवासी अजय गुप्ता ने बताया कि सन 1980 से देहरादून ग्रामीण डिपो की रोडवेज बस शाम चार बजे देहरादून से थानो के लिए चलती थी। यह बस देहरादून से भानियावाला चौक, जौली गांव, सैन चौकी, रामनगर डांडा गांव के अंदर से होते हुए थानो में रात को रुकती थी।
सुबह आठ बजे थानो से वापस उसी रूट पर देहरादून जाती थी, लेकिन 10 साल पहले यह सेवा बंद कर दी गई। इस बस में देहरादून नौकरी करने वाले लोगों के लिए आसानी होती थी।
वहीं यमकेश्वर के लोगों की सुविधा के लिए ऋषिकेश-दिल्ली-ऋषिकेश यमकेश्वर रूट पर बसों का संचालन किया जा रहा था। 2018 में रोडवेज मुख्यालय ने इस रूट के लिए दो नई छोटी बसें ऋषिकेश डिपो को दी थी। ऋषिकेश रोडवेज डिपो से करीब चार माह तक इस रूट पर बसों का संचालन किया गया।
उसके बाद लोड फैक्टर कम बताकर इस बस का संचालन बंद कर दिया गया। जबकि यह बस ऋषिकेश से यात्रियों से भरकर दिल्ली जाती थी, दिल्ली से पूरी भरकर ऋषिकेश आती थी। वहीं ऋषिकेश से नैनीताल रूट पर बस सेवा बंद कर दी गई। यह बस ऋषिकेश से वाया रामनगर होते हुए नैनीताल तक चलती थी। कुछ दिनों तक इस बस को वाया रुद्रपुर रूट पर चलाया गया। अब यह सेवा पूरी तक बंद कर दी गई है। ऐसे में ऋषिकेश से नैनीताल जाने वाले यात्रियों को हरिद्वार जाकर दूसरी बस पकड़नी पड़ती है।
ऋषिकेश से यमकेश्वर जाने के लिए सवारियां नहीं मिल रही थी। बस वहां से गिने चुने यात्रियों को लेकर आ रही थी। लोड फैक्टर कम होने के कारण यमकेश्वर मार्ग पर संचालित होने वाली बस का संचालन बंद किया गया। नैनीताल मार्ग पर भी लोड फैक्टर सही नहीं आ रहा था।
- पीके भारती, एजीएम रोडवेज ऋषिकेश डिपो