अदालत ने कहा कि मामले में आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच आवश्यक है। इस स्तर पर जमानत देने से आरोपियों के फरार होने या महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने विवेचक को एम्स परिसर के सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कंप्यूटर सिस्टम और दस्तावेजों को सुरक्षित कर जांच करने के निर्देश भी दिए। साथ ही एम्स के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर भर्ती प्रक्रिया और एजेंसी की भूमिका की जांच करने को कहा। अदालत ने पांचों आरोपियों की जमानत खारिज की।