सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री कराने उमड़ी भीड़।
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पूरे देश में जहां रियल इस्टेट कारोबार मंदी से जूझ रहा है वहीं तीर्थनगरी क्षेत्र काफी हद तक इस असर से अछूता दिख रहा है। यही वजह है कि सर्किल रेट बढ़ने के बावजूद रजिस्ट्री की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई है। सर्किल रेट बढ़ने के बाद ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पहले दिन 30 रजिस्ट्री हुई।
सर्किल रेट बढ़ने से पूर्व भी इसी अनुपात में रजिस्ट्रियां होती थीं। फिलहाल कार्यालय में अभी तक सर्किल रेट के अपडेटेशन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण सर्किल रेट की प्राप्त प्रतिलिपि सूची के माध्यम से ही रजिस्ट्री का कार्य हो रहा है। शासन ने बीती 13 जनवरी को राज्य में नए सर्किल रेट जारी किए थे। नए सर्किल रेट की सूची उपलब्ध होने के बाद ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय उसे अपलोड करने में जुट गया है। इसके चलते सोमवार को यहां रजिस्ट्री नहीं हो पाई थीं। मगर मंगलवार को बड़ी संख्या मेें अठूरवाला, रायवाला, माजरीग्रांट, हरिपुरकलां, उग्रसेन नगर से लोग रजिस्ट्री कराने ऋषिकेश सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। शाम चार बजे तक नए सर्किल रेट के आधार पर यहां 30 रजिस्ट्री हो सकी।
सब रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार ने बताया कि शासन की ओर से 13 जनवरी को जारी किए गए नए सर्किल रेट के आधार पर ही रजिस्ट्री का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक सर्किल रेट का कम्प्यूटर में सही ढंग से अपडेटेशन नहीं हो पाया है। फिर भी प्राप्त प्रतिलिपि की सहायता से ही 30 रजिस्ट्री की गई। बताया कि रजिस्ट्री के दौरान लोगों ने सर्किल रेट की बढ़ोत्तरी पर कोई ऐतराज भी नहीं जताया है।
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होटल और रिजॉर्ट पर हो रहे निवेश
तीर्थनगरी में होटल और रिजार्ट के कारोबार में ज्यादा निवेश हो रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब 150 फाइलें एमडीडीए में नक्शा पास करवाने या कंपाउंडिंग के लिए प्रस्तावित हैं। नई रजिस्ट्रियां भी ज्यादातर व्यावसायिक हो रही हैं। लोग पड़ोसी राज्यों और शहरों से आकर तीर्थनगरी में कारोबारी रास्ता ढूंढ रहे हैं। देश और विदेश के पर्यटकों की आमद को देखते हुए रिजॉर्ट और होटल का व्यवसाय यहां मुफीद माना जा रहा है। हालत ये है कि तपोवन और ऋषिकेश क्षेत्र में कुल मिलाकर करीब छह सौ से ज्यादा छोटे बड़े होटल हैं। इसके बावजूद सीजन में कमरों की किल्लत देखने को मिलती है।