बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तारीकरण कार्य की कछुआ गति और कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। कार्यदायी एजेंसी सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कर रही है। रायवाला बाजार के पास खांडगांव पुलिया से लेकर नेपाली फार्म तिराहा तक एजेंसी ने मिट्टी और बजरी डालकर सड़क बेहद खस्ताहाल में छोड़ दी है। इसमें नवंबर माह में ही अब तक फिसलकर गिरने के पांच से अधिक हादसे हो चुके हैं। इसमें नौ लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। बाजार के आसपास के एक किलोमीटर के इस डेंजर जोन में सबसे ज्यादा खतरा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को है।
सोमवार रात ही हरिद्वार के रेलवे कॉलोनी निवासी रवि कुमार(28) पुत्र छोटेलाल की हाईवे पर लगाए गए ऊंचे मिट्टी के ढेर से पैर फिसलने के कारण ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य कर रही एजेंसी जगह-जगह लगे निर्माण सामग्री के ढेरों को समतल नहीं कर रही है।
बता दें कि रायवाला बाजार में करीब एक साल पहले हाईवे चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण किया गया था। मुख्य बाजार के रिहायशी और व्यस्ततम क्षेत्र में एक नई सड़क का निर्माण हो पाया है, जिसे पुरानी सड़क से तीन फीट ऊंचा बना गया है। इसके चलते आए दिन हरिद्वार, देहरादून जाने वाले लोगों और सड़क पार करने वाले राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
सोमवार को हुई दुर्घटना के बाद क्षेत्रवासियों में हाईवे प्रशासन और निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के खिलाफ आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि एजेंसी बाजार के आस-पास के एक किमी के क्षेत्र को जल्द ठीक नहीं करती तो वह एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उधर मामले को लेकर, हाइवे प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो वह देर रात तक मीटिंग में व्यस्त रहने का बहाना बनाकर सवालों का जवाब देने से बचते रहे।
नवंबर में नौ हो चुके घायल, एक की मौत
अभी तक नवंम्बर माह में हुई दुर्घटनाओं के 108 सेवा में पांच मामले दर्ज हैं। इन दुर्घटनाओं में नौ लोगों के गम्भीर घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि एक गम्भीर घायल को अस्पताल ले जाते समय मौत हो चुकी है। स्थानीय रिजवान अली, नरेश सेमवाल ने बताया कि बाजार के पास बने इस एक किमी. के डेंजर जोन में रोजाना ही एक दो लोग फिसलकर गिर जाते हैं। मामूली घायल होने की अवस्था में उन्हें वहीं पर प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया।