माजरी ग्रांट में स्टोन क्रशर के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कहा कि जनभावनाओं के विरोध के बावजूद क्रशर की अनुमति रद्द नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
बृहस्पतिवार को माजरी ग्रांट के ग्रामीण ऋषिकेश रोड स्थित गुरुद्वारा लंगर हाल के समीप एकत्रित हुए और ग्राम प्रधान अनिल पाल के नेतृत्व में स्टोन क्रशर के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील मुख्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान अनिल पाल ने कहा कि शासन प्रशासन ग्रामीणों की आवाज नहीं सुन रहा है। जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कहा कि किसी भी सूरत में गांव में स्टोन क्रशर नहीं लगने दिया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने कहा कि स्टोन क्रशर से कृषि प्रभावित होगी और पर्यावरण को भारी नुकसान उठाना पडे़गा। सरकार को ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान कर स्टोन क्रशर की अनुमति को रद्द करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्टोन क्रशर के विरोध में उपजिलाधिकारी डोईवाला को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सोहन सिंह रांगड को देकर अनुमति रद्द करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में किसान नेता गुरनाम सिंह, शिव सिंह मेहर, रीना देवी, उषा देवी, संतोष कुमार, रीना पंवार, जीतेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
मार्ग बंद कर किया प्रदर्शन
वहीं फतेहपुर टांडा में प्रस्तावित स्टाेन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने मार्ग बंद कर प्रदर्शन किया। कहा कि इन इकाइयों से कई सालों से गांव में प्रदूषण हो रहा है। ओवरलाेड वाहनों से मार्गों को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। पेयजल और सिंचाई की समस्या सामने आ रही है। प्रधान प्रतिनिधि गुरजीत सिंह लाडी ने कहा कि कहा कि नए स्टोन क्रशर को किसी भी सूरत में नहीं लगने दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में दारा सिंह, रमनदीप सिंह, परमिंदर सिंह, परमानंद भट्ट, राकेश, लक्ष्मी नेगी, करण और जरनैल सिंह आदि शामिल रहे।