भानियावाला-ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के लिए अभी कुछ माह और इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि इस फोर लेन मार्ग में करीब दस किलोमीटर रिजर्व फॉरेस्ट है, जिसकी केंद्र से मंजूरी मिलनी बाकी है।
भानियावाला-ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित फोरलेन बनाने के लिए भानियावाला मुख्य बाजार से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। अधिकांश दुकान और मकान स्वामियों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। कम मुआवजे दिए जाने को लेकर कुछ लोग न्यायालय भी गए हैं।
भानियावाला-ऋषिकेश के बीच की दूरी लगभग 19 किलोमीटर है। जिसमें डांडी से नटराज चौक ऋषिकेश से कुछ पहले वन विभाग के बैरियर तक करीब दस किलोमीटर रिजर्व फॉरेस्ट है। जिसमें साल, रोहिनी सहित तमाम प्रजाति के पेड़ों का घना जंगल खड़ा है। जिसका प्रस्ताव तीन साल से केंद्र के पास है। जिसकी केंद्र से मंजूरी मिलनी बाकी है।
लगभग एक हजार करोड़ से बनने वाले 19 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित फोरलेन मार्ग में एयरपोर्ट-भानियावाला के बीच चार किलोमीटर मार्ग को सिक्सलेन बनाया जाना प्रस्तावित है। यह चार किलोमीटर लंबा मार्ग पहले ही लोनिवि द्वारा फोरलेन किया जा चुका है। जिसके बाद भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को ट्रांसफर हो चुका है। कुल 30 मीटर चौड़े मार्ग पर फोरलेन में साढ़े सात मीटर की दो सड़कें और सिक्सलेन में नौ मीटर की दो सड़कें होंगी। बाकी फुटपाथ और डिवाइडर बनाए जाएंगे।
फोरलेन मार्ग पर बनेंगे पांच हाथी पास
डांडी से लेकर नटराज चौक तक रिजर्व फॉरेस्ट में हाथियों और दूसरे वन्य जीवों की मूवमेंट के लिए पांच हाथी पास बनाए जाएंगे। मार्ग पर वर्तमान में मौजूद सात मोड़ और अन्य दूसरे तीव्र मोड़ को भी सीधा किया जाएगा।
भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोरलेन किए जाने को लेकर दोबारा टेंडर और अवार्ड हो चुके हैं। मार्ग की कुल चौड़ाई 30 मीटर होगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया गतिमान है। वहीं फॉरेस्ट क्लीयरेंस का भी इंतजार है। लगभग तीन माह बाद फोरलेन पर काम शुरू होने की संभावनाएं हैं। - पंकज मौर्य, प्रोजेक्ट इंचार्ज फोरलेन