आईएसबीटी पर यात्रियों का मैन्युअल टिकट काटता रोडवेज परिचालक।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। रोडवेज की ओर से जहां देहरादून में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है, वहीं रोडवेज ऋषिकेश ई-टिकटिंग मशीन से मैन्युअल टिकट पर आ गया है। करीब पांच दिनों से कंडक्टरों को मैन्युअल टिकट के साथ रूट पर भेजा जा रहा है। इससे रास्ते कई यात्री कंडक्टर से भी उलझ रहे हैं।
डिपो की के पास कुल 65 बसें हैं, जिसमें 60 बसें दिल्ली, अमृतसर, रुपैडिया, लखनऊ और पर्वतीय क्षेत्रों के रूटों पर संचालित होती है। एक सप्ताह से रोडवेज के अधिकांश कंडक्टरों को ई-टिकटिंग मशीन के बजाय मैन्युअल टिकट दिए जा रहे हैं। ई-टिकटिंग मशीनों के न होने से कई बसों अपने रूट पर समय से संचालित हो पा रही हैं। रूट से आने के बाद कंडक्टर को फिर डिपो में आकर ई-टिकटिंग मशीन में टिकट की फीडिंग करनी पड़ती है, उसके बाद ही कैश जमा हो पाता है। डिपो के कुछ कंडक्टरों का कहना है कि अधिकांश ई-टिकटिंग मशीनें खराब हैं। जो मशीन खराब होती है उसे देहरादून भेजा जाता है वहां से बनकर आने के कुछ दिनों का मशीन फिर खराब हो जाती है। उनका कहना है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यदि कोई कंडक्टर इसका विरोध करता है तो ड्यूटी नहीं दी जाती। वहीं डिपो के एजीएम पीके भारती का कहना है कि डिपो में मशीनों की कमी नहीं है डिपो से जो कंडक्टर रूट पर जाता है उसे साथ में मैन्युअल टिकट बुक जाती है।
कोट-
यदि ऋषिकेश डिपो में मैन्युअल टिकट पर गाड़ी भेजी जा रही हैं तो उसे दिखवाया जाएगा। व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएगी। अभी बाहर हूं, आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- मुकेश सिंह, जीएम (आईटी) रोडवेज मुख्यालय देहरादून